मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिन के अवसर पर मिशन दृष्टि की शुरुआत की।
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हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छठी से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले लाखों बच्चों की आंखों की जांच के लिए मिशन दृष्टि चलाएगी। इस दौरान कमजोर नजर वाले बच्चों को सरकार की ओर से मुफ्त चश्मे दिए जाएंगे। गुरुवार को होटल पीटरहॉफ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिन के अवसर पर मिशन दृष्टि की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान करीब 25 हजार से ज्यादा बच्चों की आंखें कमजोर होने की आशंका जताई है। सीएम ने कहा कि वर्तमान दौर में काफी छोटी उम्र में बीमारी आ रही है, जो कि चिंता का विषय है। कहा कि मोबाइल या अन्य तकनीकों की वजह से बच्चों की आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी वजह से इस अभियान की सख्त जरूरत है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने एनएचएम के अंतर्गत स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम और राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के अवसर पर सीएम ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चलाए जाने वाले स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के तहत दो अध्यापक प्रत्येक विद्यालय के लिए स्वास्थ्य और वेलनेस एंबेसडर नियुक्त होंगे और उन्हें किशोर अवस्था से जुड़े 11 विषयों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। ये एंबेसडर हर कक्षा के कम से कम दो विद्यार्थियों को हेल्थ एंड वेलनेस मैसेंजर के रूप में तैयार करेंगे। यह कार्यक्रम प्रदेश के छह जिलों मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना, चंबा और सिरमौर के 3017 स्कूलों में शुरू होगा और बाद में इन्हें अन्य जिलों में भी चलाया जाएगा। सीएम ने कहा कि कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान प्रदेश मेें 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दो लाख से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। इस दौरान शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह आदि मौजूद रहे।
एहतियात से ही होगा कोविड से बचाव
कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के फैलने पर चिंता जताते हुए सीएम ने कहा कि केस में तीव्र वृद्धि चिन्ता का विषय है। कुछ दिन पहले तक सक्रिय मामलों की संख्या तीन सौ केस थे लेकिन अचानक केस बढ़कर 1100 पहुंच गए हैं। उन्होंने लोगों से कोविड अनुरूप व्यवहार सुनिश्चित करने का आग्रह किया। कहा कि एहतियात से ही कोविड से बचाव हो सकता है। कहा कि नए वेरिएंट से खतरा कम है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ढिलाई बरती जाए। कहा कि प्रदेश सरकार ने इस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कुछ प्रतिबंध लगाए हैं।