सरकारी स्कूलों में हर तीन माह बाद विद्यार्थियों से फीस वसूली जाती है। प्रति माह 20 से 35 रुपये तक फीस और फंड के रूप में लिए जाते हैं। सरकार ने हाईकोर्ट के निर्देश के बाद विशेष बच्चों की फीस माफ करने का फैसला लिया है।
शिक्षा निदेशालय के मुताबिक पहली से आठवीं कक्षा तक करीब 9600 और नवीं से जमा दो तक करीब 2700 विशेष बच्चे पढ़ रहे हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया है कि सरकार ने विशेष बच्चों से फीस और फंड नहीं लेने का फैसला लिया है। जिला उपनिदेशकों को इससे अवगत करवा दिया है।