हिमाचल प्रदेश में स्कूलों को खोलने या बंद रखने, बोर्ड की दसवीं कक्षाओं की परीक्षाओं को लेने या न लेने और इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को प्रमोट करने को लेकर अभिभावकों, शिक्षक संगठनों और विद्यार्थियों से सुझाव मांगे गए हैं। ये लिखित सुझाव स्कूल प्रिंसिपलों या जिला उपनिदेशकों के कार्र्यालयों में दिए जा सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में स्कूलों को खोलने या बंद रखने, बोर्ड की दसवीं कक्षाओं की परीक्षाओं को लेने या न लेने और इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को प्रमोट करने को लेकर अभिभावकों, शिक्षक संगठनों और विद्यार्थियों से सुझाव मांगे गए हैं। ये लिखित सुझाव स्कूल प्रिंसिपलों या जिला उपनिदेशकों के कार्र्यालयों में दिए जा सकते हैं।
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प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने एक नई पहल करते हुए सभी हित धारकों से राय लेने का फैसला लिया है। 24 अप्रैल तक निदेशालय को सुझाव भेजे जा सकते हैं। इन सुझावों के आधार पर प्रदेश सरकार को रिपोर्ट बनाकर सौंपी जाएगी। इसके बाद सरकार आगामी फैसला लेगी।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए फिलहाल स्कूलों को बंद रखा गया है। प्रदेश सरकार शिक्षा को जारी रखने के लिए प्रयासरत है। ऐसे में शिक्षक संगठन, सामाजिक संगठन, विद्यार्थी, अभिभावक और पीटीए से सुझाव लेने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में स्कूलों को खोलने को लेकर और बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाओं को लेकर सुझाव दिए जा सकते हैं।
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इसके अलावा 10वीं और 12वीं कक्षाओं के जिन विद्यार्थियों ने बोर्ड की परीक्षाएं देनी हैं, उनकी ऑनलाइन या ऑफलाइन कक्षाएं लगाने या न लगाने को लेकर भी राय दी जा सकती है। शिक्षा निदेशक ने बताया कि विद्यार्थियों के स्कूलों में न आने के दौरान क्या शिक्षकों और गैर शिक्षकों को स्कूलों में बुलाया जाना चाहिए।
इसको लेकर भी राय दी जा सकती है। दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को फर्स्ट और सेकंड टर्म की परीक्षाओं के आधार पर प्रमोट किया जाना चाहिए या नहीं इसको लेकर भी राय मांगी गई है। उन्होंने बताया कि सभी हितधारकों से सुझाव लेकर सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।