पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि उन्होंने सरकारी कोठी खाली कर सामान निजी आवास में भेज दिया है।
लेकिन व्यवस्था यह होनी चाहिए कि पहले पूर्व मंत्रियों को विधायक वाले आवास अलाट हों ताकि अपना सामान लेकर उन सरकारी आवास में ले जा सकें।
सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग को इस बारे में सूचित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका शिमला में मकान है, लेकिन कई नुमाइंदे ऐसे हैं जिनके पास शिमला में निजी मकान नहीं है। वह अपना सामान कहां लेकर जाएंगे।
विधायकों को आवास उपलब्ध कराना बड़ा मुद्दा नहीं है। कई विधायक हारे हुए हैं, उन्हें आवास खाली करने में समय लग रहा है। जैसे-जैसे आवास खाली हो रहे हैं, वर्तमान विधायकों को उन्हें अलाट किया जा रहा है। - राजीव बिंदल, विधानसभा अध्यक्ष