फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HPCA को सरकार ने दी बड़ी राहत, 1.26 करोड़ रुपये जमा होने पर लीज मनी को मिली हरी झंडी

Wed, 14 Feb 2018 12:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन
वीरभद्र सरकार के निशाने पर रहे सांसद अनुराग ठाकुर की अगुवाई वाली हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) को हिमाचल की जयराम सरकार ने बड़ी राहत दी है।
विज्ञापन


वीरभद्र सरकार ने एचपीसीए और सांसद अनुराग पर कई मुकदमे दर्ज कर साल 2014 में धर्मशाला की संपत्तियों की लीज मनी लेना बंद कर दिया था। अब भाजपा के सत्ता में आते ही प्रदेश सरकार ने एचपीसीए को धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम, होटल पैवेलियन, क्रिकेट अकादमी आदि जमीन की लीज मनी जमा करने को मंजूरी दे दी है। 

इसके बाद पिछले दिनों एचपीसीए ने सरकार के खजाने में अब तक की लीज मनी के रूप में 1 करोड़ 26 लाख रुपये जमा भी कर दिए हैं। एचपीसीए के प्रवक्ता संजय शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। 
विज्ञापन


वर्ष 2012 के अंत में सत्ता में आते ही वीरभद्र सरकार ने एचपीसीए के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो में कई मामले दर्ज किए। पिछली कांग्रेस सरकार के पूरे कार्यकाल में इन तमाम मामलों पर जांच चलती रही, जबकि भाजपा नेता इन्हें राजनीतिक मामले ही बताते रहे। 
विज्ञापन

एचपीसीए विवादित जमीन पर कब्जे का उठा सकती है मामला

फाइल फोटो
वर्ष 2014 में एचपीसीए की लीज रद्द कर दी गई। यह लीज धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम, होटल पैवेलियन, क्रिकेट अकादमी आदि की जमीन पर थी। हालांकि बाद में कोर्ट से एचपीसीए की इन संपत्तियों पर यथास्थिति रखने के निर्देश हुए। 

इसके बावजूद पूर्व कांग्रेस सरकार ने एचपीसीए से वर्ष 2014 से लेकर अब तक लीज मनी नहीं ली। शुरू में लीज मनी के रूप में 13 लाख रुपये सालाना ही जमा होते थे। बाद में होटल पैवेलियन को चलाने की अनुमति मिलने के बाद लीज मनी 27 लाख रुपये वार्षिक की गई। चूंकि होटल पैवेलियन को वाणिज्यिक तरीके से चलाया जाना था, इसलिए इसकी लीज मनी को बढ़ाया गया। 

लीज मनी धर्मशाला में 88 कनाल जमीन को लेकर है, जबकि एचपीसीए के पास वर्तमान में 52 कनाल जमीन ही है। बाकी भूमि के विवादित होने पर पूर्व वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में एचपीसीए को इसका कब्जा छोड़ना पड़ा। सूत्रों ने बताया कि चूंकि एचपीसीए ने लीज मनी की  राशि सारी जमीन की जमा की है। इसलिए आगामी दिनों में एचपीसीए शेष विवादित जमीन पर भी कब्जे का मामला सरकार से उठा सकती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें