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हिमाचल: जल उठा जंजैहली, पुलिस वाहनों पर पथराव, धारा 144 लागू

Wed, 14 Feb 2018 09:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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सड़क पर बवाल काटते लोग - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सिराज के जंजैहली में एसडीएम दफ्तर को लेकर चल रहा आंदोलन हिंसक हो गया है। प्रदेश सरकार की ओर से जैसे ही जंजैहली की बजाय थुनाग में एसडीएम कार्यालय खोलने की अधिसूचना जारी हुई तो गुस्साए लोग डंडे, मशालें और तेजधार हथियार लेकर सड़क पर उतर आए।
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प्रदर्शनकारियों ने बाजार में उपद्रव मचाना शुरू कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए पहुंची पुलिस के वाहनों पर पथराव कर दिया। महिलाओं और लोगों ने पुलिस बल को जंजैहली बाजार में शाम तक घुसने ही नहीं दिया। विरोध में लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम का फिर पुतला जलाया। 

स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। बारिश के बीच गुस्साए लोगों ने सड़कों पर टायर जलाकर फेंके। पुलिस को रोकने के लिए रास्ते में पेड़ काटकर गिरा दिए। हालात बेकाबू होते देखे मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी। 
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बाजार दिन भर पूरी तरह बंद रहे। मंडी से शस्त्रों से लैस अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। देर शाम तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। रविवार को डीसी ऋग्वेद मिलिंद ठाकुर और एसपी गुरदेव चंद शर्मा ने जंजैहली में सर्वदलीय बैठक करके सभी से शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होते ही आक्रोश और भड़क गया। हालांकि, इस दौरान किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
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एक्शन मोड में नहीं, शांत दिखी पुलिस

सड़क पर बवाल काटते लोग - फोटो : अमर उजाला
सुबह करीब नौ बजे जंजैहली बाजार अचानक छावनी में तबदील होने लगा। पुलिस के वाहनों को देखते ही प्रदर्शनकारी जुटने लगे। साढ़े नौ बजे छिटपुट प्रदर्शन शुरू हो गए। जैसे ही सरकार ने जंजैहली एसडीएम कार्यालय की नए सिरे से थुनाग के लिए अधिसूचना जारी की तो लोगों में आक्रोश भड़क गया।

स्थिति नियंत्रित करने के लिए मंडी से एडीएम राजीव कुमार, डीआईजी कपिल शर्मा, एसपी गुरदेव चंद, एसडीएम बल्ह अश्वनी कुमार, एसडीएम जंजैहली सुरेंद्र मोहन पहुंचे और गुस्साए लोगों को शांत करने की कोशिश की, मगर हालात बेकाबू हो गए। धारा 144 लागू के बावजूद पुलिस एक्शन मोड में नहीं दिखी। लोग एक जगह एकत्र होकर सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

एक दिन में चार अधिसूचनाओं से भी नहीं थमा बवाल
1. एसडीएम कार्यालय जंजैहली के बजाय थुनाग में होगा। एसडीएम थुनाग माह में पांच दिन जंजैहली बैठेंगे।
2. छतरी उप तहसील को यथावत रखने का निर्णय।
3. एसडीएम गोहर चार दिन बालीचौकी में बैठेग।
4. एचएएस अधिकारी सुरेंद्र मोहन को थुनाग में एसडीएम कार्यालय को तुरंत क्रियान्वित करने के आदेश।

क्या था हाईकोर्ट का फैसला, क्यों मचा बवाल
पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सिराज के जंजैहली में खुले एसडीएम दफ्तर और छतरी उप तहसील को थुनाग पंचायत की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। इस पर जंजैहली में बवाल मच गया और जंजैहली में सिराज संघर्ष समिति का गठन कर लोग सड़क पर उतर आए। लोगों का जयराम सरकार पर आरोप है कि हाईकोर्ट में सही ढंग से पक्ष नहीं रखा। अधिसूचनाएं रद्द होने का ठीकरा सीएम जयराम ठाकुर के सिर फोड़ दिया था।
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