हिमाचल में औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए सरकार निजी क्षेत्र को रिसर्च एंड डेवलपमेंट को प्रोत्साहन देगी। औद्योगिक विकास में आरएंडडी के लिए निजी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। निजी क्षेत्र को रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए सरकार ने प्रोत्साहन देने के साथ कई सुविधाएं देने की व्यवस्था भी की है। राज्य में रिसर्च एंड डेवलपमेंट की व्यापक संभावनाएं और माहौल मौजूद है। इस क्षेत्र में निवेशकों ने अभी तक ज्यादा निवेशक नहीं किया है।
इन्वेस्टर मीट के माध्यम से सरकार चाहती है कि रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में निवेशक अधिक संख्या में आगे आएं और ज्यादा से ज्यादा निवेश करने के लिए हाथ बढ़ाएं। प्रदेश में क्षेत्र की संभावनाओं को देखकर निवेशक को आकर्षित करेंगे। प्रदेश में उत्पादन इकाइयां तो स्थापित की गई हैं, लेकिन रिसर्च के क्षेत्र में कोई ज्यादा काम नहीं पाया है। यही देखते हुए सरकार चाहती है कि राज्य में रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा देकर उद्योगों को नई गति दी जा सके।
माइक्रो, लघु और मध्य निवेशक किए जाएंगे आकर्षित
नई नीति में सरकार ने रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए माइक्रो, लघु और मध्यम दर्जे के निवेशकों को प्रोत्साहन देने की पहल की है। इस क्षेत्र में निवेशक करने वालों को कई तरह के प्रोत्साहन और सुविधाएं देने की व्यवस्था की गई है। सरकार अविकसित भूमि ऐसे निवेशकों को उपलब्ध कराएगी, ताकि रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा मिले। जो सुविधाएं सरकार माइक्रो, लघु और मध्यम दर्जे के उद्योगों को दे रही है, वहीं लाभ आरएंडडी के लिए दिए जाएंगे।
उद्योग विभाग की जमीन भी अलॉट होगी
रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए सरकारी जमीन जो उद्योग विभाग के पास है, वह भी निजी निवेशकों को लीज होल्ड आधार पर दी जा सकेगी।