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तिब्बतियों के विद्रोह दिवस से हिमाचल सरकार ने बनाई दूरी

Sun, 11 Mar 2018 01:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
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दलाईलामा के मुख्य बौद्ध मंदिर में तिब्बतियन राष्ट्रीय विद्रोह दिवस की 59वीं वर्षगांठ समारोह से हिमाचल सरकार ने दूरी बनाए रखी। चीन से संबंधों को लेकर केंद्र ने राज्य सरकार के मंत्रियों को तिब्बतियों के कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने के निर्देश जारी किए थे।

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समारोह में बतौर मुख्यातिथि बुलाए हिमाचल सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर भी कार्यक्रम में शरीक नहीं हुए। कपूर ने कार्यक्रम में न आ पाने के लिए शिमला में व्यस्तता का हवाला दिया। हालांकि बतौर विशेष अतिथि के रूप में बुलाए गए भाजपा के सांसद जॉर्ज बेकर इस समारोह में जरूर शामिल हुए।

नेता और अभिनेता बेकर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 331 के तहत राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त संसद के दो सदस्यों में से एक हैं। दलाईलामा टेंपल में आयोजित कार्यक्रम में निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसंग सांग्ये सहित हजारों तिब्बतियों और समर्थकों ने भाग लिया।
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बेकर ने तिब्बत समस्या के हल के लिए तिब्बतियों की ओर से अपनाए गए अहिंसा के मार्ग की सराहना की। उन्होंने दुनिया से तिब्बती लोगों का समर्थन करने का आग्रह किया, ताकि वे अपनी पहचान, संस्कृति, परंपराओं और धर्म को जीवित रख सकें। 

नए सम्राट की इमरजेंसी 
बेकर ने चीन में शी जिनपिंग के फिर से राष्ट्रपति बनने के बीच आड़े आ रहे दो कार्यकाल की अवधि की सीमा को हटाने को नए सम्राट की इमरजेंसी करार दिया। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ चीन के लिए बल्कि लोकतंत्र और मानवता के लिए पिछड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि चीन पड़ोसियों को ढाल बनाकर वर्तमान में नौसेना के जरिये भारत को घेरने की रणनीति बना रहा है। चीन ने ऐसे ही वर्ष 1950 में तिब्बत को हथियाने के लिए किया था। उधर, निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसंग सांग्ये ने कहा कि दुनिया भर में रह रहे तिब्बतियों की एकजुटता तिब्बती आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण है। 

थैंक यू इंडिया कार्यक्रम अधर में
14वें धर्मगुरु दलाईलामा के भारत में शरणार्थी के रूप में 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली में रद्द हुए थैंक यू इंडिया कार्यक्रम को लेकर निर्वासित तिब्बत सरकार अभी पसोपेश में है।

धर्मशाला में आयोजन को लेकर निर्वासित सरकार असमंजस में पड़ गई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले चर्चा थी कि चीन से संबंध खराब न करने को लेकर केंद्र सरकार ने अपने वरिष्ठ मंत्रियों को तिब्बत के कार्यक्रमों में शामिल न होने की हिदायत दी है।

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