अब निजी बस ऑपरेटर अपने रूट परमिट को दूसरे बस ऑपरेटर को दे सकेंगे। परिवहन विभाग ने पहले रूट आगे देने के लिए प्रतिबंध लगाया था, विधि विभाग से सलाह मशविरा करने के बाद इसे बहाल कर दिया गया है। आरटीए की बैठक में रूट देने की मामले लाए जाएंगे। निदेशक की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इसे स्वीकृति दी जाएगी। परिवहन विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने इसकी पुष्टि की है।
प्रदेश के परिवहन निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को पत्र लिखा है कि रूट परमिट हस्तांतरण संबंधी फाइलें शीघ्र तैयार करें और शीघ्र क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक आयोजित करने के लिए एजेंडा तैयार करें। हिमाचल में 35 सौ के करीब निजी बसें चल रही हैं। कुछ लोग किसी कारण से इस व्यवसाय से बाहर होना चाह रहे हैं और अपनी बसें रूट परमिट किसी दूसरे को देना चाहते हैं। परिवहन विभाग ने पिछले लगभग 6 महीने से इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब इसे बहाल कर दिया है।