इस कारण से सरकार ने 22 लाख और नए पौधे आयात नहीं करने का फैसला लिया है। पूर्व में खरीदे गए पौधों में से बीस फीसदी सूखे पाए थे। राज्य के बागवानों की जरूरत को देखते हुए पूर्व कांग्रेस सरकार ने कुल 7 लाख 55 हजार सेब के पौधे मंगाए गए थे। इन पौधों में से करीब 2 लाख 96 हजार सेब के पौधे खराब हो गए थे।
कई सेब के पौधे बद्दी स्थित कोल्ड स्टोर में रखे हैं। करीब बीस फीसदी सेब पौधे सूखे हुए हैं। डॉ. वाईएस परमान बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय और बागवानी विभाग के पास भी इतनी ज्यादा जमीन नहीं है कि वह पुराने आयात किए फल पौधों को भूमि में उगा सकें। ऐसी स्थिति में लाखों नए पौधे कैसे आयात किए जा सकेंगे।