प्रदेश सरकार ने क्लास-वन अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) में हो रही देरी को गंभीरता से लिया है। कई आईएएस, एचएएस, एचपीएस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की वर्ष 2025-26 की गोपनीय रिपोर्टें अभी तक लंबित रहने पर कार्मिक विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने न केवल रिपोर्टिंग और समीक्षा अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, बल्कि मंत्रियों के स्तर पर भी लंबित मामलों को जल्द निपटाने के लिए रिमाइंडर भेजा है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मानव संपदा प्रणाली के तहत एपीएआर की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जानी अनिवार्य है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में रिपोर्टें रिपोर्टिंग और समीक्षा अधिकारियों के स्तर पर अटकी हुई हैं।
विभाग ने इसे प्रशासनिक दक्षता और कार्मिक प्रबंधन से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए हैं। सरकार को इस मुद्दे पर दूसरी बार हस्तक्षेप करना पड़ा है। कार्मिक विभाग ने 25 जुलाई 2026 को भी सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर लंबित एपीएआर पर ध्यान आकर्षित किया था। उस समय अधिकारियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्टिंग और समीक्षा प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया था। हालांकि, विभागीय समीक्षा में पाया गया कि इसके बावजूद कई अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्टें अब भी लंबित हैं। यही वजह है कि विभाग ने दोबारा रिमाइंडर जारी करते हुए साफ संकेत दिया है कि एपीएआर प्रक्रिया में अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मानव संपदा प्रणाली में लंबित रिपोर्टों पर अपनी टिप्पणियां दर्ज कर प्रक्रिया को तत्काल आगे बढ़ाएं।