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हिमाचल प्रदेश: अफसरों की गोपनीय रिपोर्ट में देरी पर सरकार खफा, मंत्रियों को भेजे रिमाइंडर

Mon, 07 Sep 2026 11:37 AM IST
Ankesh Dogra अनिमेष कौशल, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2025-26 की क्लास-वन अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) लंबित रहने पर सरकार ने नाराजगी जताई है। कार्मिक विभाग ने संबंधित रिपोर्टिंग और समीक्षा अधिकारियों को लंबित रिपोर्ट तत्काल निपटाने के निर्देश दिए हैं। मंत्रियों के स्तर पर लंबित मामलों को देखते हुए उनके वरिष्ठ निजी सचिवों और निजी सचिवों को भी रिमाइंडर भेजे गए हैं।
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हिमाचल प्रदेश सरकार। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने क्लास-वन अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) में हो रही देरी को गंभीरता से लिया है। कई आईएएस, एचएएस, एचपीएस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की वर्ष 2025-26 की गोपनीय रिपोर्टें अभी तक लंबित रहने पर कार्मिक विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।  विभाग ने न केवल रिपोर्टिंग और समीक्षा अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, बल्कि मंत्रियों के स्तर पर भी लंबित मामलों को जल्द निपटाने के लिए रिमाइंडर भेजा है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मानव संपदा प्रणाली के तहत एपीएआर की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जानी अनिवार्य है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में रिपोर्टें रिपोर्टिंग और समीक्षा अधिकारियों के स्तर पर अटकी हुई हैं। 

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विभाग ने इसे प्रशासनिक दक्षता और कार्मिक प्रबंधन से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए हैं। सरकार को इस मुद्दे पर दूसरी बार हस्तक्षेप करना पड़ा है। कार्मिक विभाग ने 25 जुलाई 2026 को भी सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर लंबित एपीएआर पर ध्यान आकर्षित किया था। उस समय अधिकारियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्टिंग और समीक्षा प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया था। हालांकि, विभागीय समीक्षा में पाया गया कि इसके बावजूद कई अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्टें अब भी लंबित हैं। यही वजह है कि विभाग ने दोबारा रिमाइंडर जारी करते हुए साफ संकेत दिया है कि एपीएआर प्रक्रिया में अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मानव संपदा प्रणाली में लंबित रिपोर्टों पर अपनी टिप्पणियां दर्ज कर प्रक्रिया को तत्काल आगे बढ़ाएं।

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मंत्रियों के स्तर पर भी बढ़ी सक्रियता
सरकार ने इस बार केवल अधिकारियों तक ही मामला सीमित नहीं रखा है। कार्मिक विभाग ने सभी मंत्रियों के वरिष्ठ निजी सचिवों और निजी सचिवों को भी पत्र की प्रतियां भेजी हैं। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि मैन्युअल रूप से प्रस्तुत प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्टों को संबंधित मंत्रियों के संज्ञान में तत्काल लाया जाए। कई मामलों में अंतिम टिप्पणियां और अनुमोदन मंत्री स्तर पर भी लंबित हैं। ऐसे में विभाग चाहता है कि मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि अधिकारियों के सेवा अभिलेखों में अनावश्यक विलंब न हो।

पदोन्नति पर पड़ सकता है असर
प्रशासनिक हलकों में एपीएआर को किसी अधिकारी के कॅरिअर का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। यही रिपोर्ट अधिकारी के वार्षिक प्रदर्शन, कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता का आधिकारिक मूल्यांकन करती है। पदोन्नति, संवेदनशील पदों पर तैनाती, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और सेवा संबंधी अन्य निर्णयों में भी एपीएआर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में यदि रिपोर्टिंग अथवा समीक्षा स्तर पर एपीएआर लंबे समय तक लंबित रहती है तो इसका सीधा असर अधिकारियों की कैरियर प्रगति पर पड़ सकता है। यही कारण है कि सरकार इस प्रक्रिया पर गंभीर है।
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