हिमाचल प्रदेश पुलिस (फाइल फोटो)
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सूबे में बढ़ते साइबर अपराध को अंजाम देने वाले साइबर अपराधियों पर अब हिमाचल पुलिस और बेहतर तरीके से कार्रवाई कर सकेगी। सरकार ने साइबर क्राइम पुलिस को डेढ़ करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से साइबर क्राइम पुलिस साइबर अपराधियों की पड़ताल करने और साइबर अपराधियों के बढ़ते नेक्सस को रोकने और उस पर नकेल कसने के लिए विभिन्न तरह के आधुनिक टूल और सॉफ्टवेयर की खरीद कर सकेगी।
हाल ही में प्रदेश के डीजीपी संजय कुंडू ने इस संबंध में सरकार से बजट की मांग की थी। दलील दी गई थी कि पिछले कुछ समय में साइबर अपराध में काफी बढ़ोतरी हुई है। लॉकडाउन में सभी तरह के साइबर अपराधों में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हुआ। इसमें महिलाओं के साथ फोटोशॉप कर ब्लैकमेलिंग के अलावा फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया माध्यम के जरिये दोस्ती कर निजता बढ़ाने और उसके बाद व्यक्तिगत और निजी फोटो, चैट को हासिल कर ब्लैकमेलिंग करने के मामले शामिल हैं।
इसके अलावा विभिन्न तरह के वित्तीय साइबर फ्रॉड में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई थी। साइबर क्राइम पुलिस के पास अभी ऐसे हाईटेक अपराधियों से लोहा लेने के लिए आधुनिक उपकरण ही नहीं थे या फिर ऐसे टूल या सॉफ्टवेयर थे जो आउटडेटेड हो चुके थे। यही वजह थी कि लाख कोशिश के बाद भी साइबर अपराधी के गिरेबां तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पा रहे थे।
इसी को देखते हुए हिमाचल पुलिस ने सरकार से जल्द से जल्द बजट जारी करने की मांग की थी। अब इस बजट के जारी होने के बाद स्टेट साइबर क्राइम थाना उन उपकरणों व सॉफ्टवेयर ओं की खरीद करेगा जिनकी मदद से वह छुपकर अपराध करने वालों को ढूंढ निकालेगी। डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि इन उपकरणों की मदद से अपराध करने वालों को सलाखों की पीछे डालने में सफलता मिलेगी।