वन विकास निगम की 216वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड (एचपीएसएफडीसीएल) के निदेशक मंडल की 216वीं बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में निगम के कर्मचारियों और श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि, बोनस का भुगतान, दैनिक वेतनभोगियों और अनुबंध कर्मचारियों की सेवाओं का नियमितीकरण, तथा न्यूनतम दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी शामिल है। इसके अतिरिक्त, निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए दो रेजिन एवं टरपेंटाइन (आरएंडटी) फैक्ट्रियों के आधुनिकीकरण को भी मंजूरी दी गई।
कर्मचारियों के लिए सौगातें: बैठक में निगम के कर्मचारियों को पहली अप्रैल, 2025 से तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने का निर्णय लिया गया। यह वृद्धि कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय राहत प्रदान करेगी। इसके साथ ही, 21 हजार रुपये तक मासिक वेतन प्राप्त करने वाले 175 कर्मचारियों को बोनस देने की स्वीकृति भी प्रदान की गई, जो उनके मेहनत के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
सेवा नियमितीकरण और मजदूरी में वृद्धि: कर्मचारियों के सेवा नियमितीकरण को लेकर भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। प्रदेश सरकार की पहली अप्रैल, 2026 की अधिसूचना के अनुरूप, उन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाएं नियमित की जाएंगी जिन्होंने पिछले चार वर्षों में प्रत्येक वर्ष 240 दिन का कार्य पूरा किया है। साथ ही, सरकार की नीति के अनुसार पात्र अनुबंध कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण को भी स्वीकृति दी गई।
श्रमिकों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में, विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी 425 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये प्रतिदिन करने का निर्णय लिया गया। यह संशोधित दरें पहली अप्रैल, 2026 से लागू होंगी, जिससे श्रमिकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।