ब्यास नदी की बाढ़ ने ऐसे जख्म दिए हैं, जो नासूर बनकर जीवनभर दर्द देते रहेंगे। नदी का जलस्तर घटने के बाद जो तस्वीर सामने आ रही है, वह भयावह करने वाली है। गजियाबाद से आए एक युवक को मौत के बाद अपने गांव की मिट्टी भी नसीब नहीं हुई। मनाली में ब्यास में समाए 33 वर्षीय निखिल सक्सेना निवासी गजियाबाद (उत्तर प्रदेश) का मनाली में प्रशासन ने ही अंतिम संस्कार किया।
परिजनों ने इसकी सहमति का पत्र प्रशासन को दिया था। दरअसल, निखिल का कुछ दिन पहले मनाली में ब्यास नदी में शव बरामद हुआ था। वह अपने दो अन्य साथियों के साथ मनाली घूमने आए थे। उनके दोनों साथी अभी भी लापता हैं। पुलिस ने मोबाइल के माध्यम से शिनाख्त करवाई।
मृतक के पिता अभय कुमार सक्सेना ने शिनाख्त की। लेकिन, सड़क मार्ग बंद होने के कारण परिजन मनाली नहीं आ पाए। लिहाजा, प्रशासन को ही अंतिम संस्कार करवाने का पत्र भेजा। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि परिजनों की ओर से सहमति के बाद मनाली में स्वयंसेवियों की मदद से मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
उल्लेखनीय है कि ब्यास नदी में आई भयंकर बाढ़ में कई लोगों की जान जाने की आशंका है। वहीं, जिला पुलिस अभी तक विभिन्न जगहों से 20 से अधिक शव बरामद कर चुकी है।