वहीं, डगैल में नाना- दोहती परमानंद और गोपी भी जब मलबे में दबे तो परिजन बचाव के लिए फूट-फूट कर रोए। सोशल मीडिया में घटनाओं की खबरें फैलते ही लोग अपने-अपने रिश्तेदारों की खोज खबर में जुट गए। गांव वालों की मदद से पीड़ित लोगों ने मलबे में दबे शव बाहर निकाले। प्रशासन की ओर से सभी मृतकों को 25 -25 हजार रुपये प्रदान कर दिए हैं। घटना पर कांग्रेस विचार विभाग के चेयरमैन विजय पाल सिंह, जगदीश रेड्डी और अन्य नेताओं ने गहरा दुख जताया है।
जैंशला पंचायत के हलेन गांव से भारी बारिश से हुआ भूस्खलन क्षेत्र में तबाही मचा गया। ताई पूर्णा और भतीजी ममता आंख झपकते ही भारी भरकम मलबे में ऐसे बह गई, जैसे मानों मौत उन्हें उड़ा कर ले गई। दोनों के मलबे में बहने की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण हलेन से आए और मलबे में उन्हें घंटों ढूंढते रहे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। पंचायत प्रधान गिरिराज ने बताया कि पहाड़ी से और मलबा आने के डर से ग्रामीणों को सर्च अभियान बंद करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि सड़क अवरुद्ध होने से प्रशासन और पुलिस गांव तक नही पहुंच पाए। उन्होंने बताया कि आसपास बहुत नाले उफान पर हैं। जिसका पानी जुंगर खड्ड में जाकर मिलता है। प्रधान ने बताया कि हो सकता है शव बहते हुए जुंगर खड़ में समा गए हो। उधर, जैंशला पंचायत में भारी लैंड स्लाइड होने से लोगों में सनसनी का माहौल है। क्षेत्र वासी दहशत में हैं। प्रधान गिरिराज ने बताया कि एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी वीरवार तक घटनास्थल तक सड़क बहाल होने के बाद पहुंच सकते हैं।