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Himachal News: मछुआरों को बड़ी राहत, नाव पर 70% और जाल पर 90% सब्सिडी; 50 हजार की नाव मिलेगी 15 हजार में

Sun, 09 Aug 2026 12:46 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल सरकार ने मछुआरों के लिए दो नई अनुदान योजनाएं शुरू की हैं। फिशिंग बोट सब्सिडी योजना के तहत पात्र मछुआरों को 50 हजार रुपये की नाव पर 35 हजार रुपये यानी 70 फीसदी सहायता मिलेगी। वहीं कास्ट नेट और गिल नेट पर 90 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी। नदी क्षेत्र के मछुआरों को 3,000 रुपये का कास्ट नेट 300 रुपये में और जलाशय मछुआरों को 5,000 रुपये का गिल नेट 500 रुपये में मिलेगा।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में मछली पकड़ने का काम करने वाले लोगों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब पात्र मछुआरों को फिशिंग बोट खरीदने पर 70 फीसदी और कास्ट नेट व गिल नेट खरीदने पर 90 फीसदी तक सब्सिडी मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से मछुआरों का काम आसान होगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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सरकार की फिशिंग बोट सब्सिडी योजना के तहत एक नाव की लागत 50 हजार रुपये तय की गई है। इसमें सरकार 35 हजार रुपये की सहायता देगी, जबकि लाभार्थी को केवल 15 हजार रुपये खर्च करने होंगे। यह योजना प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में मछली पकड़ने वाले पात्र मछुआरों के लिए शुरू की गई है।

50 हजार की नाव, मछुआरे को देने होंगे सिर्फ 15 हजार
फिशिंग बोट सब्सिडी योजना का लाभ गोबिंद सागर, पौंग डैम, चमेरा, रणजीत सागर और कोल डैम जैसे प्रमुख जलाशयों के मछुआरों को मिलेगा। योजना का उद्देश्य मछुआरों के पुराने नौका बेड़े को आधुनिक बनाना है।
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सरकार के अनुसार बेहतर नाव मिलने से मछुआरों की सुरक्षा, काम करने की क्षमता और आय के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का पंजीकृत प्राथमिक मत्स्य सहकारी समिति का सक्रिय सदस्य होना जरूरी है।

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3000 का कास्ट नेट 300 रुपये में
सरकार ने मछुआरों के लिए सब्सिडाइज्ड फिशिंग गियर योजना भी शुरू की है। इसके तहत कास्ट नेट और गिल नेट पर 90 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी। नदी क्षेत्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को 3,000 रुपये कीमत का कास्ट नेट केवल 300 रुपये में मिलेगा। वहीं जलाशय क्षेत्र के मछुआरों को 5,000 रुपये का गिल नेट सिर्फ 500 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मछुआरों को कम कीमत पर जरूरी उपकरण मिल सकेंगे और मछली पकड़ने के काम में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों तक उनकी पहुंच बढ़ेगी।

सरकार बोली- ग्रामीण युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में ‘ब्लू इकॉनमी’ को बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से मछुआरों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। साथ ही प्रदेश में मछली उत्पादन और इससे होने वाली आय को भी बढ़ावा मिलेगा।
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