मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)।
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हिमाचल प्रदेश में मछली पकड़ने का काम करने वाले लोगों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब पात्र मछुआरों को फिशिंग बोट खरीदने पर 70 फीसदी और कास्ट नेट व गिल नेट खरीदने पर 90 फीसदी तक सब्सिडी मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से मछुआरों का काम आसान होगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सरकार की फिशिंग बोट सब्सिडी योजना के तहत एक नाव की लागत 50 हजार रुपये तय की गई है। इसमें सरकार 35 हजार रुपये की सहायता देगी, जबकि लाभार्थी को केवल 15 हजार रुपये खर्च करने होंगे। यह योजना प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में मछली पकड़ने वाले पात्र मछुआरों के लिए शुरू की गई है।
50 हजार की नाव, मछुआरे को देने होंगे सिर्फ 15 हजार
फिशिंग बोट सब्सिडी योजना का लाभ गोबिंद सागर, पौंग डैम, चमेरा, रणजीत सागर और कोल डैम जैसे प्रमुख जलाशयों के मछुआरों को मिलेगा। योजना का उद्देश्य मछुआरों के पुराने नौका बेड़े को आधुनिक बनाना है।
सरकार के अनुसार बेहतर नाव मिलने से मछुआरों की सुरक्षा, काम करने की क्षमता और आय के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का पंजीकृत प्राथमिक मत्स्य सहकारी समिति का सक्रिय सदस्य होना जरूरी है।