हिमाचल चुनाव में करीब 75 प्रतिशत मतदान
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बंपर वोटिंग हुई है। चुनाव आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 74.61 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले हैं। दून विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 85.20 प्रतिशत, जबकि कसुम्पटी में सबसे कम 57 प्रतिशत मतदान हुआ।
8 दिसंबर को होगा फैसला किसका गणित कितना सही
भाजपा और कांग्रेस पार्टी के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों का भी वोट वाइज आकलन किया गया। भाजपा के नेता और प्रत्याशी अपनी सरकार बना रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी बहुमत का दावा ठोक रही है। निर्दलीय उम्मीदवार भी जीत का दावा कर रहे हैं। इन नेताओं का गणित कितना सटीक बैठता है, इसका फैसला 8 दिसंबर को ईवीएम खोलने के बाद ही होगा।
बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र भी है पार्टियों के लिए चुनौती
शिव नगरी के रूप में विख्यात बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र में इस बार कांग्रेस-भाजपा में सीधी टक्कर मानी जा रही है। हालांकि, चुनावी मैदान में छह प्रत्याशी उतरे हैं। ऐसा माना जाता है कि बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र में हर पांच साल बाद विधायक बदल जाता है। यहां पर पिछले तीन चुनावों में कोई भी विधायक रिपीट नहीं कर पाया है। इस बार भाजपा से मुल्ख राज प्रेमी, कांग्रेस से किशोरी लाल और आप से प्रमोद कुमार सहित छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हैं।
बीते चुनाव के मुकाबले इस बार दो प्रतिशत कम हुआ था मतदान
विधानसभा क्षेत्र में इस बार 2017 के विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस बार करीब दो प्रतिशत कम मतदान हुआ है। इस बार कुल 89,855 मतदाताओं में से 57,021 ने अपने मत का इस्तेमाल किया और कुल मत प्रतिशत 63.46 रहा। विधानसभा क्षेत्र में 45,175 पुरुष और 44,679 महिला मतदाता हैं। इस चुनाव में इनमें से 26,029 पुरुष और 30,991 महिला मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया। इसके अतिरिक्त 835 बैलेट जारी हुए हैं, जबकि 1,497 सेना के मतदाता हैं।
सभी के मन में है एक सवाल
इस सियासी जंग में भाजपा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर सरकारें बदल जाने का रिवाज बदलने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है तो कांग्रेस सत्ता में लौटने का प्रयास कर रही है। गौर हो कि प्रदेश में वर्ष 1990 के बाद कोई भी सरकार रिपीट नहीं हो पाई है।