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HP Police Paper Leak case: सीबीआई के रडार पर आ सकते हैं कुछ पुलिस अधिकारी, जानें मामले में अब तक क्या हुआ

Sun, 04 Dec 2022 10:33 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

निष्पक्ष छानबीन की मांग उठने पर ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 17 मई को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का एलान किया था। अब बेशक यह जांच छह महीने के बाद सीबीआई को दी गई हो, पर इसके कई मायने होंगे। 
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पहली गिरफ्तारी के बाद कांगड़ा कोर्ट में पेश किए आरोपी(फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में प्रदेश के पुलिस अफसर सीबीआई के रडार पर आ सकते हैं। सीबीआई इस मामले से जुड़े अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। हालांकि, यह कहना अभी मुश्किल है कि पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियोें की इसमें कोई मिलीभगत रही है या नहीं, यह तो जांच में ही सामने आएगा।  निष्पक्ष छानबीन की मांग उठने पर ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 17 मई को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का एलान किया था। अब बेशक यह जांच छह महीने के बाद सीबीआई को दी गई हो, पर इसके कई मायने होंगे।  इस परीक्षा को करवाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था।

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यह कमेटी आईजी की अध्यक्षता में गठित की गई थी। राज्य सरकार ने परीक्षा करवाने का जिम्मा कमेटी को सौंपा था। हालांकि, पुलिस की एसआईटी की तफ्तीश में किसी अधिकारी की मिलीभगत सामने नहीं आई है, मगर सीबीआई तह तक जाएगी। ऐसे में मामले से जुडे़ कई अधिकारियों को पूछताछ में बुलाया जा सकता है। आ गए हैं। इससे पहले सुर्खियों में रहे गुड़िया कांड में भी हिरासत में मौत मामलेे में पुलिस के अधिकारी सीबीआई की जांच के बाद जेल गए हैं। अब फिर जांच की आंच उन तक पहुंच सकती है। 

जांच के लिए 6 मई को गठित की थी एसआईटी 
 राज्य सरकार ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले की जांच के लिए 6 मई को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन हुआ। डीआईजी मधुसूदन को एसआईटी की कमान सौंपी गई थी। इसके बाद एसआईटी ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। हालांकि इसमें कुछ खास सामने नहीं आया था। 

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पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में कब क्या हुआ

  • 27 मार्च: 1334 पदों के लिए 81 परीक्षा केंद्रों पर हुई थी परीक्षा 
  • 5 अप्रैल: घोषित हुआ था लिखित परीक्षा का परिणाम, परीक्षा रद की
  • 5 मई:अमर उजाला ने उजागर किया था पेपर लीक होने का मामला 
  • 6 मई: सीएम जयराम ने मामला सीबीआई को सौंपने की बात कही 
  • 6 मई:मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रद्द की थी परीक्षा।
  • 6 मई:एसआईटी का गठन। डीआईजी मधुसूदन को सौंपी थी कमान 
  • 6 मई:पुलिस ने कांगड़ा से तीन आरोपियों को किया था गिरफ्तार।
  • 17 मई:मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने  को पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का एलान किया 
  • मई-जून यूपी, राजस्थान, हरियाणा, बिहार से हुई 181 गिरफ्तारियां।
  • परीक्षा में 50 नंबर से अधिक अंक लेने वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ
  • छानबीन का दायरा बढ़ने पर अब तक 138 आरोपियों पर केस दर्ज 
  • 2 जुलाई: पुलिस थाना गगल ने कांगड़ा न्यायालय में दायर करवाई थी चार्जशीट
  • 3 जुलाई:  लिखित परीक्षा दोबारा ली, 69,405 अभ्यर्थी हुए शामिल 
  • 18 नवंबर: कांगड़ा कोर्ट में पेपर लीक मामले में वांटेड चल रहे बिहार के दो आरोपियों ने किया था आत्मसमर्पण।
  • 15 सितंबर: 1,334 पदों पर कांस्टेबल के लिए चयन हुआ और चयनित जवानों की ट्रेनिंग शुरू हुई। 
  • 19 नवंबर: सीबीआई ने एसपी कांगड़ा को पत्र लिख कर मांगा था जवाब।
  •  गिरफ्तार आरोपियों में 20 से 22 बाहरी राज्यों से रखते हैं संबंध 
  • 91 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में पेश की जा चुकी है चार्जशीट।
  • 30 नवंबर: मामले में सीबीआई ने दो एफआईआर दर्ज की
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