इन नियमों के अंतर्गत 750 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले अतिथि सत्कार, स्वास्थ्य, शैक्षणिक, व्यवसायिक, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मिश्रित उपयोग भवनों को बेस एफएआर (फ्लोर एरिया रेशो)1.75 के अतिरिक्त 0.25 एफएआर की अनुमति दी जाएगी। इन भवनों में 250 वर्ग मीटर अतिरिक्त निर्माण की छूट मिलेगी, बशर्ते वे ऊर्जा दक्षता मानकों को पूरा करें। एचपीईसीबीसी के अनुरूप भवन निर्माण के लिए डेवलपर्स को ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी की ओर से अधिकृत एनर्जी ऑडिटर को शामिल करना अनिवार्य होगा। निर्माण से लेकर पूर्णतया प्रमाण पत्र और ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट जारी होने तक सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (18वां संशोधन) रूल्स, 2026 के तहत प्रीमियम एफएआर की नई दरें तय की गई हैं। 0.25 तक के प्रीमियम एफएआर पर 3000 रुपये, 0.25 से 0.50 तक 5000 रुपये तथा 0.50 से 0.75 तक 7000 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क निर्धारित किया गया है। ये दरें पहले से पूर्ण परियोजनाओं पर लागू नहीं होंगी, जबकि निर्माणाधीन व नई परियोजनाओं पर लागू होंगी।
हरित ऊर्जा राज्य की दिशा में ठोस और दूरदर्शी कदम : धर्माणी
हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए सरकार ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है। ईवी चार्जिंग सुविधा और ऊर्जा दक्ष भवनों को अतिरिक्त एफएआर देकर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। नई व्यवस्था से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक आधारभूत ढांचा विकसित होगा और प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ेगा। - राजेश धर्माणी, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री
ऊर्जा दक्ष भवन में यह प्रावधान जरूरी
ऊर्जा दक्ष भवन वे होंगे, जो हिमाचल प्रदेश एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड (एचपीईसीबीसी) 2018 के मानकों का पालन करते हैं। भवनों में बिजली खपत कम करने के लिए विशेष डिजाइन अपनाया हो, ऊर्जा बचत वाली एलईडी लाइट, सोलर पैनल या नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, ऊर्जा दक्ष एसी और हीटिंग सिस्टम, प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन इन सभी प्रावधानों का सत्यापन ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) द्वारा अधिकृत एनर्जी ऑडिटर करता है।