नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पर्वतीय भूगोल, सीमित भूमि और कठिन परिवहन परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल ने निवेशकों के बीच अपनी विश्वसनीय पहचान बनाई है। राज्य की बेहतर कानून व्यवस्था, अपेक्षाकृत शांत सामाजिक वातावरण, शिक्षित युवा शक्ति और प्रशासनिक पारदर्शिता ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। प्रदेश का बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र पहले ही देश के प्रमुख फार्मा हब के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां सैकड़ों औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। अब सरकार पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर मेडिकल भांग, प्राकृतिक फाइबर, जैविक उत्पादों और ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा देकर निवेश का नया इकोसिस्टम तैयार कर रही है।
निवेशकों को क्यों भा रहा हिमाचल
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल को संस्थागत व्यवस्था, मानव संसाधन और सामाजिक संकेतकों के मामले में मजबूत राज्य माना गया है। महिलाओं की कार्यबल भागीदारी, उच्च साक्षरता दर, कुशल मानव संसाधन और बेहतर जीवन गुणवत्ता ने प्रदेश को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है। कर्मचारियों के लिए बेहतर सामाजिक वातावरण और सुरक्षित कार्य संस्कृति भी हिमाचल की बड़ी ताकत है। यही कारण है कि कई राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने विस्तार की योजनाओं में हिमाचल को शामिल कर रही हैं।
विकसित हिमाचल की दिशा में मजबूत संकेत : चौहान
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि नीति आयोग का निवेश अनुकूलता सूचकांक केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि राज्यों की आर्थिक क्षमता और निवेश तैयारी का पैमाना माना जा रहा है। पहाड़ी राज्यों में तीसरे स्थान की उपलब्धि इस बात का संकेत है कि हिमाचल पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर निवेश आधारित विकास मॉडल की ओर कदम बढ़ा रहा है।