राज्य बिजली बोर्ड में कर्मचारियों और अधिकारियों का युक्तिकरण करते हुए बोर्ड प्रबंधन ने यह फैसला लिया है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने की जगह शहरों में ही टिके सरप्लस स्टाफ पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार बिजली बोर्ड के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित दफ्तरों में स्टाफ की भारी कमी है जबकि शहरों और उसके आसपास के दफ्तरों में सरप्लस स्टाफ नियुक्त है। सरप्लस स्टाफ के तबादले होने के बावजूद ये कर्मी ऐडजस्टमेंट करवा लेते हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकार ने युक्तिकरण का फैसला लिया है।