धरे रह गए कांग्रेस के अनुमान
कमजोर संगठन के सहारे चुनाव लड़ रही कांग्रेस को संसदीय क्षेत्र में मौजूद अपने विधायकों पर भरोसा और आनंद शर्मा की कद्दावर छवि से आस थी। आनंद शर्मा भी विधायकों के संख्या बल को देखकर ही दिल्ली से कांगड़ा-चंबा की जंग में कूदे थे। लेकिन, सारे अनुमान धरे के धरे रह गए। कांग्रेस के 11 विधायक बड़ा उलटफेर करवाने में नाकाम रहे। आनंद ने मतदाताओं के बीच जाकर हिमाचल खासकर कांगड़ा के लिए किए गए अपने कार्यों की दुहाई देकर संसदीय क्षेत्र से अपना जुड़ाव होने की दलीलें रखीं। कांगड़ा-चंबा को लेकर भविष्य के अपने विजन और प्लान से भी अवगत कराया। बावजूद इसके, वह मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर पाए।
विधानसभा क्षेत्र लीड
चुराह 11,343
चंबा 19,473
डलहौजी 14,292
भटियात 13,166
नूरपुर 18,732
इंदौरा 14,030
फतेहपुर 14,365
जवाली 12,640
ज्वालामुखी 15470
जयसिंहपुर 8,833
सुलह 14,199
नगरोटा 8,221
कांगड़ा 22,662
शाहपुर 21,729
धर्मशाला 13,251
पालमपुर 8,718
बैजनाथ 17,081
प्राथमिकताएं
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है। परिणाम के बाद खुशी महसूस हो रही है। पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनकी नीतियां और योजनाएं, देश और राष्ट्र के प्रति उनका जो समर्पण है। उस पर मुहर लगाते हुए जनता ने वोट किया है।