फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: पारंपरिक परिधानों में वोट डालेंगे मतदाता, दुर्गम क्षेत्रों में त्योहार से कम नहीं लोकतंत्र का पर्व

Thu, 10 Nov 2022 10:47 AM IST
Krishan Singh विपिन काला, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के दुर्गम क्षेत्रों में वोटर परंपरागत वेशभूषा पहनकर भी मतदान करते हैं। त्योहारों की तर्ज पर ही इस पर्व में भी प्रदेश के लोग हर्षोल्लास और उत्साह के साथ भागीदारी करते रहे हैं।
विज्ञापन
परंपरागत वेशभूषा पहनकर किया मतदान(फाइल) - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकतंत्र के पर्व का उत्साह हिमाचल में किसी त्योहार से कम नहीं है। त्योहारों की तर्ज पर ही इस पर्व में भी प्रदेश के लोग हर्षोल्लास और उत्साह के साथ भागीदारी करते रहे हैं। इस दौरान मतदान को लेकर महिलाओं का उत्साह और भागीदारी देखते ही बनती है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के दुर्गम क्षेत्रों में वोटर परंपरागत वेशभूषा पहनकर भी मतदान करते हैं। यहां की महिलाएं श्रंगार करती हैं और चांदी के परंपरागत गहने पहन सज-धज कर वोट देने मतदान केंद्रों में पहुंचती हैं। किन्नौर की बुजुर्ग महिलाएं भी वोट देने के लिए बाहर निकलने से पहले परंपरागत ऊनी वस्त्र पहनती हैं। पिछले चुनाव में वोटरों के अलावा टशी गंग मतदान केंद्र में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी भी परंपरागत वेशभूषा में आए थे। 

विज्ञापन


प्रदेश के कई इलाकों में लोकतंत्र के महापर्व को मनाने के लिए महिला वोटर चूल्हा-चौका छोड़कर पहले मतदान को निकलती हैं और वोट देने के बाद अपने घरों को लौटती हैं। मतदान करने के बाद ही ये महिलाएं खाना बनाकर परिवार को खिलाती हैं और खुद भी भोजन ग्रहण करतीं हैं। चंबा के दुर्गम क्षेत्र पांगी के कई क्षेत्रों में लोकतंत्र के पर्व के दौरान लोगों में उत्साह का नजारा देखा जा सकता है। कुल्ूलू के आउटर सिराज के क्षेत्रों में भी अधिकांश महिला वोटर परंपरागत वेषभूषा में वोट डालती हैं। शिमला जिले के थानाधार कोटगढ़ क्षेत्र में महिलाएं रेजटा, सदरी, सलवार और कमीज के साथ परंपरागत ढाटू पहनकर वोट देने पहुंचती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें