मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि मतदाता जागरूकता गतिविधियों (स्वीप) के तहत आरंभ किए गए मिशन के तहत मतदान में बढ़ोतरी हुई है। राज्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि इन मतदान केंद्रों की पहचान के बाद ही मतदान कम होने के कारणों का पता लगाया गया।
हिमाचल प्रदेश के 277 मतदान केंद्रों में इस बार छह फीसदी मतदान की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वर्ष 2017 तक इन केंद्रों में कम मतदान होता था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि मतदाता जागरूकता गतिविधियों (स्वीप) के तहत आरंभ किए गए मिशन के तहत मतदान में बढ़ोतरी हुई है। राज्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि इन मतदान केंद्रों की पहचान के बाद ही मतदान कम होने के कारणों का पता लगाया गया। इसमें कुछ प्रवासी आबादी स्थानीय मुद्दों के कारण चुनावों का बहिष्कार करता थी। युवा एवं शहरी उदासीनता और अन्य राज्यों से संबंधित केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मतदान के प्रति उदासीनता भी पाई गई। अन्य राज्यों में काम कर रहे हिमाचल के मतदाता प्रतिकूल मौसम की स्थिति, विवाह शादियों का आयोजन और चुनाव के दौरान फसल कटाई का समय जैसे भी प्रमुख कारण थे।
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इन सभी उपायों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन विभाग ने 2022 के विधानसभा चुनाव में जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए अधिकारियों की ओर से बैठकें भी आयोजित की गईं। बूथ स्तर पर मतदाताओं को जागरूक किया गया। इससे प्रतिशतता में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, मंडी, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, शिमला और किन्नौर जिले में यह अभियान चलाया गया था। उन्होंने कहा कि इन 277 मतदान केंद्रों में पिछले चुनावों की अपेक्षा छह प्रतिशत अधिक मतदान दर्ज किया गया। 277 में से 198 मतदान केंद्रों में उच्च मतदाता प्रतिशतता दर्ज की गई। 57 केंद्रों में 10 फीसदी से अधिक, 10 केंद्रों में 20 फीसदी की वृद्धि, दो मतदान केंद्रों पर 30 फीसदी, दो मतदान केंद्रों पर 40 फीसदी और चार मतदान केंद्रों पर 50 फीसदी से अधिक मतदान प्रतिशतता दर्ज की गई।