अभिषेक ने कहा कि पिछली बार वर्ष 2017 के चुनावों में पार्टी ने निर्देश दिया कि सभी मिलकर चलें और हमने पार्टी उम्मीदवार के लिए काम करते हुए भारी मतों के भाजपा को जीत दिलाई। लेकिन चुनाव जीतने बाद से ही लगातार उनकी व कार्यकर्ताओं की अनदेखी शुरू कर दी गई जो आज तक जारी है।
भाजपा के पूर्व मंत्री और सुंदरनगर से छह बार के विधायक रहे रूप सिंह ठाकुर के बेटे एवं समाजसेवी अभिषेक ठाकुर ने विधानसभा चुनावों में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार उतरने की हुंकार भर दी है। सुंदरनगर में आयोजित प्रेस वार्ता में यह एलान करते हुए उन्होंने कहा कि रविवार 25 सितंबर को विधानसभा का कार्यकर्ता सम्मेलन रखा है। यहां कार्यकर्ताओं के समक्ष चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा करेंगे। ऐसे में सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस की राह आसान नहीं होगी। अभिषेक ने कहा कि पिछली बार वर्ष 2017 के चुनावों में पार्टी ने निर्देश दिया कि सभी मिलकर चलें और हमने पार्टी उम्मीदवार के लिए काम करते हुए भारी मतों के भाजपा को जीत दिलाई।
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लेकिन चुनाव जीतने बाद से ही लगातार उनकी व कार्यकर्ताओं की अनदेखी शुरू कर दी गई जो आज तक जारी है। अभिषेक ने स्थानीय विधायक राकेश जम्वाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में सुंदरनगर में ऐसा कोई विशेष कार्य नहीं हुआ है, जितना ढिंढोरा पीटा जा रहा है। केवल पुराने कामों के जीर्णोद्धार किए जा रहे हैं और उन पर प्लेट अपने नाम की लगवाई जा रही है। कई ऐसे काम हुए हैं, जिनसे सुंदरनगर का नाम खराब हुआ है। प्रदेश में जहरीली शराब कांड में आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस भर्ती लीक मामला सुंदरनगर में हुआ। सुंदरनगर में लोगों की सहभागिता के बगैर झील से पानी उठाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़ किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में वकालत की परीक्षा पास की और उसके बाद समाजसेवा को चुनते हुए लगातार लोगों के बीच रहे हैं। सुंदरनगर की जनता के दबाव के चलते उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।