कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि शिमला शहर, देहरा, सुलह, इंदौरा, जयसिंहपुर, नूरपुर, मनाली, करसोग और नाचन से प्रत्याशी तय करने को लेकर कोई फैसला नहीं हो पा रहा है। कांगड़ा जिला को लेकर पार्टी के सामने सबसे बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव कमेटी ने वर्तमान 20 विधायकों सहित पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के टिकट बीते दिनों ही तय कर दिए हैं। करीब 40 सीटों से चुनाव लड़ने वालों को फोन पर अपनी तैयारियां भी शुरू करने को कह दिया है। आधिकारिक तौर पर पार्टी इनके नाम जारी करने से अब बच रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि दिल्ली में हो रही भाजपा की बैठकों पर नजर रखी जा रही है। भाजपा से असंतुष्ट नेताओं को भी कांग्रेस टिकट दे सकती है।
युवा होना टिकट के लिए पात्रता नहीं : जगत
कांग्रेस मुख्यालय शिमला में राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए सोमवार को हुए चुनाव में शामिल होने आए विधायक जगत सिंह ने किन्नौर से कांग्रेस टिकट की मांग कर रहे युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी पर पलटवार किया। जगत सिंह नेगी ने कहा कि केवल युवा होना टिकट की पात्रता नहीं है। युवा हम भी रहे हैं। युवा कोई भी हो सकता है। युवा काबिल हो और उसकी क्षेत्र में स्वीकार्यता हो तो वो टिकट के लिए लड़ सकते हैं।
हर्ष महाजन के जाने से नहीं पड़ेगा फर्क : आशा
विधायक आशा कुमारी ने कहा है कि पार्टी के पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हर्ष महाजन के भाजपा में जाने से कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। महाजन ने बीते 15 साल से चुनाव नहीं लड़ा है। इस तरह के लोगों के पार्टी छोड़ने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की नीतियों से जनता तंग है। प्रदेश सरकार पांच वर्षों में ऐसा कोई भी काम नहीं कर सकी। जिसके आधार पर जनता उन्हें दोबारा वोट दे।