मंत्रियों के कार्यालयों से विकास कार्यों की फाइलें कम और तबादलों की ज्यादा आ रही हैं। कर्मचारी नाराज न हों, इसके चलते विधायक और मंत्री डीओ नोट देने में गुरेज नहीं कर रहे हैं। हालांकि, सीएम कार्यालय पूरी पड़ताल के बाद ही तबादला आदेश जारी कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग और बिजली बोर्ड में कर्मचारियों को एडजस्ट करने के लिए विधायक दो से तीन नोट भी जारी कर रहे हैं। उधर, विधानसभा चुनाव के चलते विधायकों पर लीड दिलाने का दबाव है। ऐसे में नेता किसी को नाराज नहीं करना चाह रहे हैं।
पिछले 15 दिन में तबादले के लिए शिक्षा विभाग से सबसे ज्यादा आवेदन आए हैं। इसके अलावा बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जलशक्ति विभाग के अलावा अन्य विभागों से भी चार से पांच सौ तबादला नोट आ रहे हैं। कोई सेवानिवृत्ति के करीब होने के कारण घर के नजदीक आना चाह रहा है तो कोई म्यूचुअल स्थानांतरण आदेश करवाना चाह रहा है। फिर कोई ऐसा भी है, जिसके घर में कोई बीमार है तो वह स्वास्थ्य और घरेलू कारणों से तबादला चाह रहा है। इसमें किसी का तीन साल का एक ही स्टेशन पर वक्त पूरा हो गया है तो कोई शॉर्ट स्टे को खत्म करवाना चाह रहा है।
शिक्षा विभाग से सबसे ज्यादा आवेदन
शिक्षा विभाग 5,700
बिजली बोर्ड 1,000
स्वास्थ्य विभाग 1,000
पीडब्ल्यूडी 700
जलशक्ति विभाग 600