हिमाचल के बिलासपुर जिले के स्वारघाट शिक्षा खंड के एक प्राइमरी स्कूल में दो मासूम बच्चियों से अपने पर्स और बैग उठवाने वाली शिक्षिकाओं ने अपनी सफाई में गजब जवाब दिया है। शिक्षिकाओं का कहना है कि शाम को स्कूल बंद करने के समय दोनों बच्चियां एकाएक उनका सामान उठाकर चल दीं।
शिक्षिकाओं ने की शर्मनाक हरकत, सोशल मीडिया पर मासूम बच्चियों के फोटो वायरल
उन्होंने बच्चियों को जैसे ही बैग उठाकर जाते हुए देखा तो पीछे से रुकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन चुनाव प्रचार के चलते नजदीक ही बज रहे लाउडस्पीकर के कारण बच्चों तक आवाज नहीं पहुंच सकी।
जिला उपनिदेशक बिलासपुर के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में भेजे गए इस जवाब ने सभी को हैरत में डाल दिया है। जवाब से असंतुष्ट जिला उपनिदेशक ने दोनों शिक्षिकाओं को नोटिस जारी करने का फैसला लिया है।
अफसरों के गले नहीं उतर रहा ये जवाब
उधर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा का कहना है कि उपनिदेशक को मामले की गहनता से जांच करते हुए कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। 21वीं सदी की मास्टरनियों के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में भेजे गए स्पष्टीकरण ने कई सवाल खडे़ कर दिए हैं।
शिक्षिकाओं के मुताबिक स्कूल बंद होने पर बच्चियों ने खुद ही उनके पर्स और बैग उठा लिए। शिक्षिकाओं का यह जवाब अफसरों के गले नहीं उतर रहा है।
इस जवाब से संभावित है कि रोजाना ही स्कूल बंद होने के बाद बच्चियां पर्स और बैग उठाती होंगी। तभी किसी अज्ञात व्यक्ति के कैमरे में यह फोटो कैद हुई।
फोटो में तो शिक्षिकाएं टहलती हुई चल रही हैं
शिक्षिकाओं का यह भी कहना है कि लाउडस्पीकर के शोर के चलते उनकी आवाज बच्चियों तक नहीं पहुंची, लेकिन सोशल मीडिया में वायरल फोटो में कहीं भी ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है कि दोनों शिक्षिकाएं पर्स और बैग उठाए बच्चियों को रोकने का प्रयास कर रही हैं, जबकि फोटो में स्पष्ट दिख रहा है कि शिक्षिकाएं टहलती हुई चल रही हैं।
बहरहाल, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा जिला बिलासपुर देवेंद्र पाल का कहना है कि शिक्षिकाओं के जवाब संतोषजनक नहीं हैं। उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बिलासपुर कार्यालय में भी बुलाया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
शिक्षिकाओं के व्यवहार की सोशल मीडिया में कड़ी निंदा
मासूम बच्चियों से पर्स और बैग उठवाने वाली मास्टरनियों के व्यवहार की सोशल मीडिया में भी कड़ी निंदा हो रही है। शिक्षक खुद इस घटना को शर्मनाक बता रहे हैं।
राज्य के शिक्षक संगठनों के फेसबुक पेजों पर शनिवार को दिन भर इस मामले को लेकर खूब बहस छिड़ी रही। कुछ शिक्षक जहां दोनों मास्टरनियों की कार्य प्रणाली का विरोध कर रहे हैं।
वहीं कुछ शिक्षक मामले को जबरन तूल देने की बात कहते हुए बच्चों द्वारा शिक्षकों के प्रति सम्मान दिखाते हुए पर्स और बैग उठाने की दलील दे रहे हैं।