बताया जा रहा है कि शिवाड़ी में देवता के एक भक्त की निजी देउली थी, जिसके लिए यह यात्रा की गई। क्षेत्र में जहां आम लोग खराब मौसम के कारण घरों में ही कैद रहे और बाहर निकलने से बचते नजर आए, वहीं दर्जनों देवलू बर्फबारी और तेज बर्फीली हवाओं की परवाह किए बिना देवता के साथ चलते रहे। आश्चर्य की बात यह रही कि इतनी ठंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद किसी भी देवलू को थकान या परेशानी महसूस नहीं हुई। देवता चुंजवाला के देवलू ओम प्रकाश ने बताया कि मंगलवार को देवधार से शिवाड़ी तक की यात्रा भारी तूफान और बर्फबारी के बीच पूरी की गई, लेकिन सभी देवलू देव भक्ति में इतने लीन थे कि मौसम की कठोरता का एहसास ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यही अटूट आस्था हिमाचल को देवभूमि बनाती है।