शायद हिमाचल का 15 अप्रैल 1948 को गठन नहीं होता, अगर इसकी नींव सैकड़ों प्रजामंडल क्रांतिकारियों ने पहले ही तैयार नहीं कर दी होती।
हिमाचल निर्माण के प्रमुख आंदोलन का नेतृत्व भले ही डॉ. वाईएस परमार ने किया, परंतु इन सैकड़ों गुमनाम हीरो ने आंदोलन के द्वारा अलग प्रांत की जमीन तैयार की।
15 अप्रैल 1948 में हिमाचल का गठन 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों को इकट्ठा कर किया गया। ये रियासतें चंबा, मंडी, सुकेत, सिरमौर, बुशहर, जुब्बल, क्योंथल, बाघल, भज्जी, थरोच, कुमारसैन, बलसन, महलोग, कोटी, बघाट, ठियोग, धामी, मधान, खनेटी, शांगरी, कुठाड़, रावीं, मांगल, घूंड, देलठ, कुनिहार, ढाढ़ी, बेजा, दरकोटी और रतेश थीं।