ऋषि की माता शैली धवन ने कहा कि 12 वर्ष की आयु में ही ऋषि ऊना क्रिकेट अकादमी में चला गया था। बचपन से ही बड़े भाई राघव धवन और ऋषि को क्रिकेट का शौक था, जिसे पूरा करने के लिए कई बार घर वालों से डांट भी खाई। आखिर उसकी मेहनत रंग लाई।
विजय हजारे क्रिकेट ट्रॉफी में हिमाचल प्रदेश की टीम को पहली बार शानदार जीत दिलाने पर जहां प्रदेश और जिला मंडी में खुशी का माहौल है, वहीं ऋषि धवन के घर पर परिजनों को बधाइयों का तांता लगा हुआ है। मंडी निवासी ऋषि धवन के घर पर दिनभर दोस्तों, रिश्तेदारों के बधाई संदेशों का तांता लगा रहा। इस जीत से उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है।
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उनके माता पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर नाज है, जिसकी बदौलत प्रदेश की टीम को ऐतिहासिक जीत मिली है। ऋषि की माता शैली धवन ने कहा कि 12 वर्ष की आयु में ही ऋषि ऊना क्रिकेट अकादमी में चला गया था। बचपन से ही बड़े भाई राघव धवन और ऋषि को क्रिकेट का शौक था, जिसे पूरा करने के लिए कई बार घर वालों से डांट भी खाई। आखिर उसकी मेहनत रंग लाई और आज उसने इंडिया टीम में भी जगह बनाई है।
वहीं, ऋषि धवन के पिता राम प्रकाश धवन ने बताया कि उन्हें अपने बेटों पर नाज है। दोनों भाई अच्छे खिलाड़ी हैं। ऋषि की जीत मंडी की जीत है। ऋषि की पत्नी दिपाली धवन का कहना है कि एक माह पूर्व ऋषि जयपुर गए थे। 5 दिन क्वारंटीन रहने के बाद उन्होंने 20 सदस्यीय टीम के साथ तैयारी शुरू की। रविवार को हिमाचल की टीम का मुकाबला तमिलनाडु के साथ हुआ।