हिमाचल प्रदेश में बुधवार को 60 और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई है। कांगड़ा जिले में 16, शिमला आठ, सोलन सात, हमीरपुर सात, ऊना छह, मंडी छह, सिरमौर चार, कुल्लू तीन, बिलासपुर, चंबा और लाहौल-स्पीति में एक-एक संक्रमित ने दम तोड़ा। उधर, प्रदेश में 3050 नए कोरोना पॉजिटिव मामले आए हैं। इनमें से कांगड़ा जिले में 895, मंडी 401, शिमला 399, सोलन 246, चंबा 176, बिलासपुर 229, हमीरपुर 230, सिरमौर 194, ऊना 111, कुल्लू 102, किन्नौर 43 और लाहौल-स्पीति में 24 नए मामले आए हैं। बिलासपुर जिले में 34 बच्चों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
कहां कितने सक्रिय केस
इसके साथ ही प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 170074 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 132406 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले अब 35124 हो गए हैं। प्रदेश में अब तक 2516 संक्रमितों की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 2605, चंबा 2255, हमीरपुर 2604, कांगड़ा 11178, किन्नौर 424, कुल्लू 995, लाहौल-स्पीति 232, मंडी 3130, शिमला 3220, सिरमौर 2719, सोलन 3178 और ऊना जिले में 2584 पहुंच गई है। बीते 24 घंटों में 3090 संक्रमित ठीक हुए हैं। इस दौरान कोरोना की जांच के लिए 14858 लोगों के सैंपल लिए गए।
किन्नौर में कोविड रोगियों का मनोबल बढ़ाएगा परामर्श दल
किन्नौर जिला प्रशासन ने होम आइसोलेट मरीजों की सुविधा के लिए नई पहल की है। जिला प्रशासन ने दस सदस्यीय परामर्श दल का गठन किया है। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा मनोविज्ञान प्रोफेसर और महिला एवं बाल कल्याण विभाग के काउंसलर शामिल हैं। उपायुक्त हेमराम बैरवा ने बताया कि परामर्श दल होम आइसोलेट मरीजों से फोन पर बात कर उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर इनका समाधान करेगा। परामर्श और सुझाव के साथ रोगियों की मनोविज्ञान ओर सामाजिक समस्याओं का भी निदान करेगा।
उपायुक्त ने कहा कि परामर्श दल के गठन का उद्देश्य होम आइसोलेट रोगियों को चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध करवाना है। परामर्श दल कोविड रोगियों की समस्याओं से जिला प्रशासन को भी अवगत करवाएगा। कोरोना रोगियों की स्वास्थ्य संबंधित जानकारी लेने के साथ उन्हें कोरोना से लड़ने के लिए मोटिवेट भी करेगा। कहा कि कई बार होम आइसोलेट रोगी खुद को अलग-थलग महसूस करते हैं। उन्हें लगता है कि घर पर उन्हें न तो सही प्रकार से चिकित्सीय सहायता मिल रही है और न परिवार से मिलना-जुलना। ऐसे में उनमें मानसिक तनाव होने का भय रहता है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों का दल गठित किया है।