जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि पता उनकी रीढ़ की हड्डी तीन जगह से टूट गई है जिससे उनके कमर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। हालत में सुधार न होने पर रात में ही उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
अगले दिन उनका ऑपरेशन भी हुआ लेकिन 22 फरवरी की रात फिर हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद भोर में पौने पांच बजे के करीब उनकी सांसें थम गईं। अफसरों ने बताया कि राजेंद्र मूलरूप से बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) में तैनात थे।
उन्होंने वर्ष 2013 में एनडीआरएफ में ज्वाइन कर लिया था। उनके निधन पर डीजी एनडीआरएफ सत्य नारायण प्रधान समेत अन्य अफसरों व जवानों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शुक्रवार को कैंप कार्यालय में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।