धोखाधड़ी के मामलों में कानून को और सख्त करने के लिए हिमाचल पुलिस प्रदेश सरकार को एक प्रस्ताव देगी। इसमें राजस्थान की तर्ज पर आईपीसी की धारा 420 को गैर जमानती अपराध बनाने, 10 साल की जेल और प्रॉपर्टी को अटैच करने की सिफारिश की जाएगी। पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए डीजीपी संजय कुंडू ने सरकार को प्रस्ताव देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय में आईपीसी की धारा 420 को लेकर गंभीरता से नहीं सोचा गया।
आज देश में पेपर लीक मामला संगठित अपराध बन गया है। आरोपी तीन साल बाद बाहर आ रहे हैं और फिर से इसी अपराध को अंजाम दे रहे हैं। गैर जमानती अपराध बनाए जाने से इसमें अंकुश लग सकेगा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में 10 राज्यों की गैंग संलिप्त हैं। अब तक 171 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें से 116 अभ्यर्थी हैं। तीन जुलाई को होने वाली लिखित परीक्षा में अब ये 116 आरोपी अभ्यर्थी नहीं बैठ सकेंगे।
पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) इसी सप्ताह इस मामले में हाईकोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश करेगी। डीजीपी ने कहा कि पेपर लीक मामले में कई आरोपी सरकारी नौकरियों में भी कार्यरत हैं। जैसे-जैसे आरोपियों को पकड़ा जाएगा, उनके खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच को लेकर प्रदेश सरकार ही स्थिति स्पष्ट कर सकती है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल पुलिस राजस्थान के एक्ट का अध्ययन कर रही है। अध्ययन पूरा करने के बाद ही सरकार को प्रस्ताव सौंपा जाएगा।
ट्रक यूनियन के पूर्व अध्यक्ष ने 2006 में सीपीएमटी का पेपर भी कराया था लीक
डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले के एक आरोपी मंडी जिले के ट्रक यूनियन के पूर्व अध्यक्ष मनोज कुमार ने वर्ष 2006 में हिमाचल में सीपीएमटी का पेपर भी लीक करवाया था।
राजस्थान सरकार के एक्ट का अध्ययन करेगी हिमाचल पुलिस
डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि राजस्थान सरकार ने कानून में संशोधन कर आईपीसी की धारा 420 को सख्त किया है। इसमें 10 साल की सजा, प्रापर्टी अटैच करने का प्रावधान किया है। हिमाचल पुलिस राजस्थान के इस एक्ट का भी अध्ययन करेगी। इसके बाद कानून को सख्त करने के लिए प्रदेश सरकार से सिफारिश करेगी ताकि हिमाचल में इस कानून को कठोर बनाया जा सके।