प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से प्रदेश में निजी और सरकारी बैंकों में सरकारी जमा राशि पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। कहा कि सरकार बताए कि निजी बैंकों में अपना कितना धन जमा कर रखा है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित बैंकिंग लॉज अमेंडमेंट बिल 2021 के किसी भी प्रस्ताव पर कड़ा विरोध किया है। कहा कि इसका देश की सरकारी बैंकिंग व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। इस प्रस्ताव से देश में बैंकों के निजीकरण को बढ़वा और पूंजीपतियों को लाभ देने का षड्यंत्र है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से प्रदेश में निजी और सरकारी बैंकों में सरकारी जमा राशि पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। कहा कि सरकार बताए कि निजी बैंकों में अपना कितना धन जमा कर रखा है। प्रदेशाध्यक्ष ने शनिवार को राजीव भवन में प्रेस सम्मेलन में कहा कि बिल के खिलाफ कांग्रेस जनमत खड़ा करेगी। कांग्रेस बैंकों की यूनाइटेड फार्म ऑफ बैंक यूनियन के साथ खड़ी है। बैंकों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला और उन्होंने इस बिल को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत करवाया।
विज्ञापन
राठौर ने कहा कि देश के विकास में इन राष्ट्रीयकृत बैंकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने 19 जुलाई, 1969 को 14 कॉमर्शियल बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर इनको सरकार के अधीन किया था। बैंक देश की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। विश्व में मंदी का दौर आया तो भी भारत देश में इन बैंकों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान रहा। केंद्रीय वित्त पोषित योजनाओं पर भी यही बैंक अपनी उदारता से लोगों को ऋण देते हैं। कांग्रेस ने अपने शासनकाल के 70 साल में देश में जो उपक्रम बनाए, आज मोदी उन्हें बेच रही है।