हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि केंद्रीय बजट में हिमाचल की उपेक्षा की गई है। केंद्र सरकार हिमाचल के साथ अन्याय कर रही है। बजट उन राज्यों को देखकर बनाया गया है, जहां इस साल चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमाचल से हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भी प्रदेश से संबंध रखते हैं।
ऐसे में प्रदेश के लिए कोई नई योजना न देना दुर्भाग्यपूर्ण है। पिछले बजट में प्रदेश में रेल और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार की जो बात कही गई थी, उनका इस बजट में उल्लेख नहीं है। कहा कि प्रदेश दिनोंदिन कर्ज के बोझ से दबता जा रहा है। कोरोना की वजह से प्रदेश में पर्यटन के साथ सूक्ष्म लघु उद्योग पर विपरीत असर पड़ा है। सरकार ने इनके विकास के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं दिया।
प्रदेश सरकार केंद्र से कोई आर्थिक मदद नहीं ले पाई। उन्हें उम्मीद थी कि केंद्र सरकार प्रदेश के किसानों, बागवानों को प्रोत्साहित करेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। राठौर ने कहा कि यह महज आंकड़ों का मायाजाल बुनकर अपनी नाकामियां छुपाने का असफल प्रयास किया गया है। इस बजट से देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ेगी। बजट में आम लोगों को भी कोई राहत नहीं है।
छोटे उद्योगों के विकास के लिए कोई भी योजना नहीं: वीरभद्र
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट पूरी तरह दिशाहीन है। बजट में किसानों-बागवानों और छोटे उद्योगों के विकास के लिए कोई भी योजना नहीं है। कहा कि भाजपा का डबल इंजन का दावा पूरी तरह झूठा है। केंद्र की भाजपा सरकार हिमाचल के साथ भेदभाव कर रही है।
प्रदेश के विकास की किसी भी योजना का कोई भी प्रारूप हिमाचल के लिए नहीं रखा गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने रेल बजट पर भी प्रदेश की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि इसके विस्तारीकरण की भी कोई योजना इसमें नहीं है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि बजट में ऐसी कोई योजना नहीं है, जिससे देश में बढ़ती बेरोजगारी पर कोई अंकुश लग सके और देश की विकास दर बढ़ सके। कहा कि इस बजट में उन राज्यों को विशेष महत्व दिया गया है, जहां इस वर्ष चुनाव होने हैं। बजट में लोगों को लुभाने की कोशिश की गई है, लेकिन देश को इससे निराशा ही हाथ लगी है।