प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन नरेश चौहान ने स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ने और मौतों का आंकड़ा एक दर्जन के पास पहुंचने पर सरकार को घेरा है। सीएम जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से मांग की है कि स्वाइन फ्लू पर काबू पाने को उठाए जा रहे कदमों की जानकारी जनता को दें। साथ ही इससे निपटने की पुख्ता रूपरेखा बनाई जाए।
कहा कि इलाज समय पर न मिलने से लोगों की जान जा रही है। अभी स्वाइन फ्लू की जांच की व्यवस्था सिर्फ आईजीएमसी शिमला, नेरचौक मेडिकल कॉलेज और टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में ही है। इससे दूरदराज के क्षेत्र के लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि देरी से हो रही है। इलाज में देरी का बड़ा कारण हर जिला मुख्यालय पर जांच सुविधा न होना भी है।
प्रदेश सरकार को हर जिला मुख्यालय पर स्वाइन फ्लू की जांच किट मुहैया करानी चाहिए ताकि लोगों की जानें न जाएं। उन्होंने कहा कि अभी तक स्वाइन फ्लू के लगभग साठ मामले पॉजीटिव पाए जा चुके हैं। 11 लोगों की जान चली गई है। बीते मंगलवार को ही 13 नए मामले सामने आए हैं। यह बहुत ही गंभीर विषय है। सरकार को इस पर काबू पाने के लिए गंभीरता के साथ कदम उठाने चाहिए।
आईजीएमसी शिमला में स्वाइन फ्लू की दवाइयों की कमी की बात भी सामने आ रही है। जो बेहद गंभीर मामला है। स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने से जनता में दहशत फैल रही है। चौहान ने कहा कि स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों पर कांग्रेस पार्टी चिंतित है। उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं कि भाजपा अपने पार्टी के कार्यक्रमों को करे, लेकिन सरकार को उसमें शामिल होने के साथ ही जनता की जान की रखवाली भी करनी चाहिए।