पूर्व सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस के एक बड़े नेता के रिश्तेदार को नियमों के विपरीत जमीन देने के मामले की जांच शुरू हो गई है। कांगड़ा जिले की शाहपुर तहसील के तहत चाय के बागान की जमीन पर होटल बनाने की फाइल जयराम सरकार ने खोल दी है।
आरोप है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के एक करीबी रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने के लिए राजस्व रिकॉर्ड में चाय के बागान को खड़तर-बरानी (घासनी) दर्शाकर होटल बनाने के लिए जमीन दे दी गई। सरकार को अंदेशा है कि जमीन की खरीद फरोख्त में गड़बड़झाला हुआ है।
राजस्व विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो नियमों के अनुसार प्रदेश में चाय बागानों की जमीन को बिना अनुमति किसी दूसरे कार्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आरोप है कि नियम दरकिनार कर रिकॉर्ड में जमीन की किस्म ही बदल दी गई है। 77.30 हेक्टेयर इस जमीन के एक भाग में अब होटल है।
सूत्र बताते हैं कि इसे बनाने के लिए न तो प्रशासन और न ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से मंजूरी ली गई। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के छह महीने बाद अब भाजपा सरकार ने इस मामले की फाइल खोल दी है। सचिवालय स्तर पर बड़े अधिकारी इसकी छानबीन कर रहे हैं।
पालमपुर में चाय बागान में होटल बनाए जाने की फाइल आई थी। फाइल ब्रांच में है। दोबारा फाइल आने पर इसे गंभीरता से देखा जाना है।
- मनीषा नंदा, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व