दोपहर बाद ढाई बजे रजनी पाटिल ने कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता भी की। इसमें उन्होंने यह कड़ी बात की कि कोई भी नेता पार्टी से बड़ा नहीं है। मंत्री या मुख्यमंत्री सभी इसी से बनते रहे हैं।
मंगलवार सुबह 10 बजे ही रजनी पाटिल पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह से मिलने उनके घर पहुंचीं तो सियासी गलियारों में इस घटनाक्रम की खासी चर्चा रही। एक दिन पहले ही राजीव भवन शिमला में उनके स्वागत में रखी गई
आम बैठक में वीरभद्र सिंह और उनके करीबी कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री नहीं आए थे। इसे कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा था।
हालांकि, सुक्खू ने रजनी पाटिल की उपस्थिति में सफाई दी कि सोमवार की इस बैठक में सभी लोगों को नहीं बुलाया गया था। प्रभारी रजनी पाटिल का उनसे दूसरे दिन ही मिलने का कार्यक्रम था।
रजनी पाटिल ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि उन्हें वीरभद्र सिंह से मंगलवार को ही मिलना था। पाटिल बोलीं कि उनकी वीरभद्र से विस्तार से बातचीत हुई है। उन्होंने जो भी मसले उनके सामने रखे हैं, इन्हें हाईकमान के समक्ष रखा जाएगा।
हालांकि , पाटिल ने गुटबाजी से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं में गुटबाजी नहीं होनी चाहिए। यह वह वक्त है, जब सबको मिल-जुलकर चलने की जरूरत है।