इस खेमे का कहना है कि हॉलीलॉज से वर्तमान में कांग्रेस संगठन और सरकार में मुख्यधारा का प्रतिनिधित्व है। यानी प्रतिभा सिंह अगर कांग्रेस अध्यक्ष हैं तो उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह लोक निर्माण जैसे बड़े महकमे को देख रहे हैं। इसी तर्क के साथ पार्टी को मजबूत करने के लिए किसी और नेता को पार्टी अध्यक्ष बनाने का अवसर देने की बातें हो रही हैं। हालांकि, संतुलन बनाने के लिए ऐसे नेता को यह कमान दी जा सकती है, जो कांग्रेस के सभी गुटों में सर्वमान्य हो।
इनके नाम की भी चर्चा
इसी तरह से विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार का नाम भी चर्चा में है। विनय कुमार भी अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। पर वर्तमान में शिमला संसदीय क्षेत्र से पांच कैबिनेट मंत्री धनीराम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, रोहित ठाकुर, विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह हैं। इनके अलावा सिंह खाची और नरेश चौहान को कैबिनेट रैंक दिया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा समेत कई नियुक्तियां भी शिमला संसदीय क्षेत्र से हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष भी यहीं से हैं। पार्टी अध्यक्ष मंडी और शिमला दोनों ही संसदीय क्षेत्रों से ताल्लुक रखती हैं। इसी से शिमला संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कम हो गई है। अब नजरें आगामी दिनों में मुख्यमंत्री सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के दिल्ली दौरे के अलावा चारों संसदीय क्षेत्रों से अध्यक्ष पद के दावेदारों पर टिकी हैं।