मंत्रियों और कैबिनेट रैंक की फौज ने शिमला संसदीय क्षेत्र की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कम कर दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार या तो किसी कैबिनेट मंत्री को हटाकर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष बनाया जाएगा या फिर कांगड़ा अथवा मंडी संसदीय क्षेत्रों में से किसी एक के लिए यह पद जाएगा। प्रतिनिधित्व में पिछड़ने पर कांगड़ा और मंडी की दावेदारी ज्यादा मजबूत है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों हैं तो इन दोनों जगहों से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए दावेदारी वैसे ही कमजोर पड़ जाती है। आने वाले दिनों में कभी भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पद पर प्रतिभा सिंह के बने रहने पर संशय है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस का एक खेमा एक परिवार एक पद की बात कर प्रतिभा सिंह को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने के लिए हाईकमान पर दबाव बना रहा है।