प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि सरकार ने हिमाचल में कीटनाशकों पर दी जा रही सब्सिडी को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला बिना सोचे-समझे और जल्दबाजी में लिया है। यह निर्णय न प्रदेश हित में है और न ही किसानों-बागवानों के हित में है। सरकार को इस पर पुनर्विचार कर बागवानी और कृषि को बढ़ावा देने के लिए ठोस ओर कारगर कदम उठाने चाहिए।
राठौर ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि प्रदेश में सबसे बड़ा बागवानी और कृषि क्षेत्र है। इससे लाखों परिवार पल रहे हैं। अभी तक पूरे देश में फल और सब्जियों यहां तक कि अनाज पर भी कीटनाशक दवाओं रसायन का प्रयोग किया जाता है। अगर समय पर इसका छिड़काव न किया जाए तो फसलें बर्बाद हो जाती हैं।
अब सरकार के निर्णय के बाद कृषकों और बागवानों को अपनी फसलें बचाने के लिए मजबूरी में महंगे दामों में कीटनाशक खरीदने पर मजबूर होना पड़ेगा। इससे उनकी लागत बढ़ने से महंगाई भी बढ़ेगी। कहा कि जीरो बजट खेती को बढ़ावा देने के नाम पर किसानों-बागवानों से किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए। जब तक देश में कीटनाशक की जगह और कोई अन्य विकल्प तैयार नहीं हो जाता, तब तक इन पर सब्सिडी जारी रहनी चाहिए।