आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों को इस महीने से कम वेतन मिलेगा। सरकार ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष और विधायकों का 20 से 50 फीसदी तक वेतन छह माह के लिए स्थगित (डेफर) करने की अधिसूचना जारी कर दी है।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से शनिवार जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह मुख्यमंत्री का 50, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों एवं विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का 30 और विधायकों का 20 प्रतिशत वेतन स्थगित रहेगा। मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वेतन के स्थगित भाग को कटौती के रूप में नहीं समझा जाए।
राज्य की वित्तीय स्थिति ठीक होने पर स्थगित किए गए वेतन को जारी कर दिया जाएगा। स्थगित वेतन जारी करने की तारीख सरकार की ओर से निश्चित की जाएगी। यह अस्थायी उपाय है, जिसे वित्तीय संसाधनों का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने के लिए एक सामूहिक प्रयास के रूप में किया जा रहा है।
सीएम ने 21 मार्च को बजट पेश करते हुए अपना, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, सियासी ओहदेदारों और अधिकारियों का वेतन 3 से 50 फीसदी तक छह महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी। इसमें ग्रुप-ए और बी के अधिकारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा अस्थायी रूप से डेफर किया गया था। हालांकि, सरकार ने प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का तीन फीसदी वेतन छह माह के लिए स्थगित (डेफर) करने का फैसला 15 अप्रैल को वापस ले लिया है।
हिमाचल दिवस पर रिकांगपिओ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह एलान किया था। ऐसे में उन्हें पूरा वेतन मिलता रहेगा।