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अब फिर मुसीबत में फंस गए हिमाचल के सीएम

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हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल पर नौकरियां बेचने का आरोप लगाने वाले मुख्यमंत्री वीरभद्र के फिर मुसीबत में फंस गए हैं। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई दोबारा से करने के आदेश जारी किए हैं।
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प्रदेश हाईकोर्ट ने अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एसएम कटवाल द्वारा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ दायर इस मामले में शुक्रवार को यह फैसला सुनाया है। यह केस आठ साल बाद खुला है।

न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने कटवाल की ओर से दायर दो आपराधिक रिवीजन याचिकाओं को स्वीकार करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ऊना के उन फैसलों को निरस्त कर दिया, जिनके तहत न्यायिक दंडाधिकारी ऊना के फैसलों को रद्द कर दिया था।
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पूर्व सीएम पर लगाया था नौकरियां बेचने के आरोप

कटवाल ने इस मामले में आरोप लगाया था कि वीरभद्र सिंह ने अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बोर्ड को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने नौकरियां बेचने का ठेका दे रखा है और प्रदेश में लाखों बेरोजगार होने के बावजूद बाहरी राज्यों के लोगों को नौकरियां दी जा रही हैं।

न्यायिक दंडाधिकारी ऊना की अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ प्रोसेस जारी किया था। इसे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ऊना ने विस्तृत निर्णय के तहत रद्द कर दिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ऊना के निर्णय के खिलाफ कटवाल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ऊना का निर्णय कानूनन सही नहीं है, क्योंकि उनकी अदालत ने उन शक्तियों का प्रयोग किया, जो उनमें निहित नहीं थी।

अब दोनों मामलों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ न्यायिक दंडाधिकारी ऊना की अदालत में ट्रायल चलेगा। इसी कोर्ट से वीरभद्र सिंह को समन जारी हुआ था।
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राशन कार्ड फॉर्म पर भी सरकार को नोटिस

हाईकोर्ट ने आधार लिंकेज वाले राशन कार्ड फॉर्म में सोनिया गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह, वीरभद्र सिंह और जीएस बाली के फोटो छापने पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

एडवोकेट अधिराज ठाकुर के ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस वीके शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब दायर करने के निर्देश दिए।

याचिका में कहा गया है कि फॉर्म में फोटो छपवाकर सरकार चुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्‍लंघन कर रही है।
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