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हिमाचल: बंद दवा कंपनियों में सिंथेटिक नशा बनाने का अंदेशा, एनसीबी ने किया अलर्ट; जानें पूरा मामला

Mon, 19 Oct 2026 12:13 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में बंद औद्योगिक इकाइयों और फार्मा परिसरों में अवैध सिंथेटिक नशा तैयार किए जाने की आशंका को लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने पुलिस को सतर्क किया है। संदिग्ध परिसरों के सत्यापन और औचक निरीक्षण पर जोर दिया गया है। बीबीएन क्षेत्र में नशीली दवाओं से जुड़े मामलों के बाद एजेंसियों की निगरानी कच्चे माल, स्टॉक रजिस्टर और संदिग्ध लेनदेन पर भी केंद्रित है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों सहित अन्य स्थानों पर बंद पड़ी फैक्ट्रियों और दवा कंपनियों की आड़ में खतरनाक सिंथेटिक नशा तैयार किए जाने की आशंका है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने हिमाचल पुलिस को संदिग्ध औद्योगिक परिसरों, गोदामों और फार्मा इकाइयों का बारीकी से निरीक्षण कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 

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सिंथेटिक रासायनिक नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण और तस्करी में जुटे संगठित गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए देशभर में अभियान तेज किया जा रहा है। एनसीबी से मिले इनपुट के अनुसार हिमाचल और सीमावर्ती क्षेत्रों में बंद औद्योगिक इकाइयों, दवा कंपनियों और दूरदराज के कृषि फार्मों में गुप्त रूप से सिंथेटिक नशा तैयार किए जाने की आशंका है। जांच एजेंसियों को विशेष रूप से सिंथेटिक नशीले पदार्थों को लेकर सतर्क किया गया है। ये कृत्रिम रसायनों से तैयार किए जाने वाले ड्रग्स हैं, जो मानव शरीर और मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। 

जांच एजेंसियों के अनुसार अवैध कारोबार में शामिल गिरोह वैध दवा निर्माण की आड़ लेकर अपनी गतिविधियां छिपाने की कोशिश कर सकते हैं। इसके लिए बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को किराये पर लेकर वहां गुप्त लैब स्थापित करने की आशंका है। दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के नाम पर रसायनों की खेप मंगाकर उनका अवैध इस्तेमाल किया जा सकता है। दूरदराज के कृषि फार्म भी ऐसे गिरोहों के लिए छिपने का ठिकाना बन सकते हैं, जहां संदिग्ध गतिविधियों पर आसानी से नजर नहीं पड़ती। 
 

सिंथेटिक नशे के इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने भी विशेष अभियान चला रखा है। इसका मकसद नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण, सीमा पार से तस्करी और इससे जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करना है। ऐसे मामलों में तकनीकी खुफिया जानकारी और मौके पर सटीक कार्रवाई सबसे अहम होती है। एजेंसियां इसी आधार पर नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। 

एनसीबी के अलर्ट के बाद हिमाचल पुलिस को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में बंद फैक्ट्रियों, गोदामों और फार्मा कंपनियों के परिसरों का सत्यापन करने को कहा है। औचक निरीक्षण के जरिये यह पता लगाने पर जोर है कि कहीं इन स्थानों पर अवैध गतिविधियां तो नहीं चल रहीं। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर समय रहते कार्रवाई करना इस कवायद का प्रमुख उद्देश्य है।
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बीबीएन के इस साल दो उद्योगों पर कार्रवाई
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र में अवैध नशीली दवाओं के निर्माण और तस्करी के खिलाफ पुलिस, राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन ने कई कार्रवाई की है। सितंबर 2026 में नालागढ़ में टेपेंटाडोल रैकेट पर छापे के दौरान लाखों गोलियां और भारी मात्रा में प्रतिबंधित कच्चा माल पकड़ा गया। मई 2026 में बद्दी से ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम की 2.23 लाख से अधिक गोलियां जब्त की गईं। इससे पहले भी कई अवैध इकाइयां पकड़ी गईं। अब एजेंसियों की नजर कच्चे माल, स्टॉक रजिस्टर और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर है। 
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