हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर स्थित विशेष न्यायाधीश किन्नौर सत्र न्यायालय ने भ्रष्टाचार के मामले में स्टेट सप्लाई कारपोरेशन के कर्मचारी को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी ने तालुका केरोसिन डिपो काजा में पेट्रोल उत्पादों को क्रेडिट पर बेचने में गड़बड़ी की थी। अदालत ने मामले के सह आरोपी को संदेह का लाभ देकर बरी किया है। भ्रष्टाचार का यह मामला साल 2008-09 में सामने आया। मामले के अनुसार 2008 में तालुका केरोसिन डिपो काजा के फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान स्टॉक में अंतर पाया गया। कारपोरेशन के निर्देशों के विपरीत सरकारी विभागों को बड़ी मात्रा में पेट्रोल, डीजल और केरोसिन क्रेडिट आधार पर बेचा गया था।