हिमाचल सरकार विभागाध्यक्षों की मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं पर दी गई रिपोर्ट स्वीकार नहीं करेगी। ऐसी रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। इसे प्रशासनिक सचिवों को ही भेजना होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के वित्त वर्ष 2018-19 के बजट आश्वासनों की समीक्षा बैठकों में केवल सचिव ही जाएंगे। विभागों के निदेशक अथवा विभागाध्यक्ष इन बैठकों में नहीं जा सकेंगे। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने ये निर्देश तमाम अधिकारियों को जारी किए हैं।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं पर बुलाई गई एक बैठक में सचिवों के बजाय कई विभागाध्यक्षों के पहुंचने पर मुख्य सचिव काफी तल्ख हो गए थे। अब योजना विभाग की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि इन घोषणाओं और आश्वासनों का ब्योरा मुख्य सचिव और योजना विभाग को खुद प्रशासनिक सचिवों को देना होगा। ऐसा नहीं हो पाएगा कि विभागाध्यक्ष ही इसका बखान करते रहें।
कोई समस्या है तो योजना विभाग को बताएं
अधिकारियों को यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि अगर किसी बजट आश्वासन को लागू करवाने में कोई समस्या आ रही है और उसे लागू करना संभव नहीं है तो इसकी जानकारी भी योजना विभाग को भेजी जाए, जिससे कि इसकी नवीनतम स्थिति के बारे में सीएम जयराम ठाकुर को अवगत करवाया जा सके।