पतलीकूहल के ट्राउट फार्म में मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियों को हुए नुकसान को देखा गया। बंजार के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद टीम आनी के खनाग के क्षेत्र में पहुंची और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने उन क्षेत्रों का जायजा लिया, जहां आपदा से सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। पेयजल योजनाओं, सड़कों और मकानों के साथ बिजली व्यवस्था, कृषि-बागवानी तथा मत्स्य पालन क्षेत्र को हुए नुकसान की भी जानकारी ली गई। स्थलीय निरीक्षण के जरिये नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने लाने का प्रयास किया गया है।
संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार से आपदा से हुए नुकसान की समग्र रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्रीय टीम उसका आकलन करेगी। इसके उपरांत राहत सहायता के संबंध में अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी। केंद्रीय टीम में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम रामचंद्रुडु के नेतृत्व में जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अभियंता शाश्वत महापात्रा, वित्त मंत्रालय के उपनिदेशक कनव दुआ, इसरो के वैज्ञानिक डॉ. शशिवर्धन रेड्डी, हिमाचल के अतिरिक्त सचिव सुनील वर्मा, एडीएम सुरजीत राठौर और एसडीएम मनाली गुंजीत चीमा मौजूद रहे।