वहीं, हिमाचल में बस किराया बढे़गा या नहीं, इसका फैसला आज कैबिनेट बैठक में होगा। निजी बस ऑपरेटरों ने सरकार से किराये में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की मांग की है, लेकिन सरकार किराया बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। हिमाचल में तीन माह से प्राइवेट बसें सड़कों पर खड़ी हैं। 3100 में से 200 के करीब निजी बसें बीते तीन दिन से सड़क पर दौड़ रही हैं।
ऑपरेटरों की मांगों के चलते परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर, परिवहन विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया और निजी ऑपरेटरों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई थी। इसमें परिवहन मंत्री ने मंत्रिमंडल बैठक में निजी बस ऑपरेटरों को कोई न कोई राहत देने की बात कही थी। मंत्री ने कहा था कि सरकार ने जनता और निजी बस ऑपरेटर दोनों देखना है।
प्रदेश के होटल मालिकों को सस्ता ऋण देने की योजना को मंत्रिमंडल बैठक में मंजूूरी मिल सकती है। पर्यटन और सहकारिता विभाग की इस योजना को एक माह पहले मंत्रिमंडल बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। राज्य सहकारी बैंक के माध्यम से ऋण देने की इस योजना की गाइडलाइन लगभग तैयार हो गई है।
योजना के तहत राज्य सहकारी बैंक के माध्यम से होटल कारोबारियों को ऋण दिए जाने हैं। वर्तमान में बैंक द्वारा 11 फीसदी ब्याज पर ऋण दिया जाता है। योजना के तहत करीब 5 या 6 फीसदी ब्याज पर होटल कारोबारियों को चार साल के लिए ऋण दिया जाएगा। ब्याज की शेष राशि को प्रदेश सरकार स्वयं चुकाएगी।