चूंकि नियम में अभी तक पात्रता के लिए भारतीय होने की शर्त थी, इसलिए दूसरे प्रदेशों के भी युवाओं ने आवेदन कर दिया और चयनित हो गए। मामला प्रकाश में आने पर सचिवालय कर्मचारियों ने इसका कड़ा विरोध किया और मुख्यमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक और सचिव सचिवालय प्रशासन से शिकायत कर दखल देने की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इसको लेकर ठोस कदम उठाएगी। इसी क्रम में अब कार्मिक विभाग इस मसले को मंत्रिमंडल में ले जाएगा और मंत्रिमंडल के निर्देश के अनुसार इसमें बदलाव किए जाएंगे।